52_Cruelities_On_GodKabir
कबीर परमात्मा सिकंदर लोधी जी के दरबार मे सत्संग कर रहे थे तब शेखतकी ने अपने सिपाहियों से कहा, कि लोहे को गर्म कर के पानी की तरह तरल बनाओ और कबीर जी के ऊपर डाल दो,जब सिपाहियों ने ऐसा किया तो फुल बरसने लगे मानो फूलो को वर्षा हो रही थी |
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