Posts

Showing posts from June, 2020

Buddism

Image
महात्मा बुद्ध द्वारा बताई गई पुजा विधि शास्त्रविरुध्द थी? महात्मा बुद्ध ने शास्त्रविरुद्ध साधना हठ्योग, तप,व्रत किया था शास्त्रविधि को त्यागकर मनमाना आचरण करने के कारण वह पुर्ण मोक्ष से वंचित रहे | अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखे साधना टीवी चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक

Jainism📜

Image
📙"Jainism"📙⤵ 📖"आओ जैन धर्म को जाने" !📖 🔹"जैन धर्म की सच्चाई" ⤵ 👉वर्तमान में जो जैन धर्म में साधना है वह महावीर जैन द्वारा चलाए गए 363 पाखंड मत पर आधारित है। 🔹"शास्त्र विरुद्ध साधना"⤵ 👉 महावीर जैन की जीवनी में लिखा है कि उन्होंने गुरु नहीं बनाया और एकांत में बैठ कर हठयोग किया। क्या इस साधना से उनका मोक्ष हुआ ? 🔹"जैन धर्म का खुलासा"⤵ प्रश्न - जैन धर्म के अनुसार निर्वस्त्र रहकर या मुंह पर कपड़ा बांधकर साधना करने से क्या मुक्ति संभव है ? उत्तर - नहीं । 👉प्रमाण सहित अधिक जानकारी के लिए देखें-रोज "तत्वज्ञान का सत्संग" साधना TV पर शाम 07:30 से 08:30 बजे तक ।

Krishana

Image
भगवान कृष्ण जी तीन लोकों के मालिक होने के कारण 'त्रिलोकी नाथ' कहलाते हैं जबकि कबीर साहेब जी पूर्ण कुल मालिक होने के कारण 'वासुदेव' कहलाते हैं!  अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखे 'साधना' चैनल शाम 7:30 से!  #krishna #harekrishna Spiritual Leader Saint Rampal Ji

ॐ_नाम_काल_का

Image
#ॐ_नाम_काल_का गीता अध्याय 15 श्लोक 1 - 4, 16, 17 में कहा गया है जो संत इस संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभाग बता देगा वह तत्त्वदर्शी संत होगा। आज वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज ही एकमात्र तत्त्वदर्शी संत हैं। Watch sadhna tv at 7:30pm 

आओ जैन धर्म को जाने

Image
महावीर जैन शास्त्रविधि को त्याग कर मनमाना आचरण करता था आखिर क्यों इतनी साधना करने के बाद भी महावीर स्वामी की मुक्ति नही हुई? अवश्य देखिये साधना टीवी शाम 7:30 से 8:30 तक

Buddism

Image
भगवान बुद्ध को मोक्ष मार्ग का ज्ञान नहीं था तथा उन्होंने शास्त्र विधी को त्याग कर मनमाना आचरण किया जिसका उन्हें कोई लाभ प्राप्त नहीं हुआ। साधना टीवी चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक 

Bibleqoutes

Image
🌏सर्व सृष्टि रचनहार कबीर परमात्मा पवित्र बाइबल में उत्पत्ति ग्रंथ में पृष्ठ नं 2 अध्याय 1:20 व 2:5 में परमेश्वर ने कहा कि हम मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं। तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरुप के अनुसार उत्पन्न किया नर और नारी करके मनुष्यों की सृष्टि की।

"DivinePlay_Of_GodKabir"

Image
🔅कबीर साहेब द्वारा सर्वानंद को शरण में लेना पंडित सर्वानंद ने अपनी माँ से कहा कि मैंने सभी ऋषियों को शास्त्रार्थ में हरा दिया है तो मेरा नाम सर्वाजीत रख दो लेकिन उनकी माँ ने सर्वानंद से कहा कि पहले आप कबीर साहेब को शास्त्रार्थ में हरा दो तब आपका नाम सर्वाजीत रख दिया जाएगा। जब सर्वानंद कबीर साहेब के पास शास्त्रार्थ करने पहुँचे तो कबीर साहेब ने कहा कि आप तो वेद-शास्त्रों के ज्ञाता हैं मैं आपसे शास्त्रार्थ नहीं कर सकता। तब सर्वानंद ने एक पत्र लिखा कि शास्त्रार्थ में सर्वानंद जीते और कबीर जी हार गए। उस पर कबीर साहेब जी से अंगूठा लगवा लिया। लेकिन जैसे ही सर्वानंद अपनी माँ के पास जाते तो अक्षर बदल कर कबीर जी जीते और पंडित सर्वानंद हार गए ये हो जाते। ये देखकर सर्वानंद आश्चर्य चकित हो गए और आखिर में हार मानकर सर्वानंद ने कबीर साहेब की शरण ग्रहण की।

GodKabir_PrakatDiwas_2020

Image
🌹कबीर ना मेरा जन्म ना गर्भ बसेरा🌹     🌹 बालक बन दिखलाया🌹 🌹कांशी नगर जल कमल पर डेरा🌹      🌹तहाँ जुलाहे ने पाया।।🌹 🌹गरीब, भक्ति मुक्ति ले ऊतरे🌹     🌹मेटन तीनूं ताप🌹 🌹मोमन के डेरा लिया       🌹कहै कबीरा बाप।।🌹 623rd_GodKabir_PrakatDiwas  🌹🌹कबीर प्रकट दिवस 2020🌹

कबीर साहेब प्रकट दिवस

Image
KabirPrakatDiwasNotJayanti 🎆Only Lord Kabir does not take birth from a mother's womb and appears by Himself, along with his body.  🎇 That is why, the day he appeared on earth, Kabir Prakat Diwas is celebrated for lord Kabir and not Jayanti.

भगवान कबीर का गहन ज्ञान

Image
DeepKnowlegde_Of_GodKabir परमात्मा कबीर साहिब जी ने ही हमें बताया कि संसार में करोड़ों नाम(मंत्र)है उनसे मुक्ति नहीं होती,         सारनाम से ही मुक्ति होती है लेकिन उस मंत्र को कोई नहीं जानता।  उस मंत्र को सिर्फ तत्वदर्शी संत ही बता सकते हैं। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज है अधिक जानकारी के लिए साधना टीवी पर शाम 7:30 से 8:30 तक सत्संग अवश्य देखे |

DivinePlay_Of_GodKabir 3DaysLeft_KabirPrakatDiwash

Image
एक बार दिल्ली के बादशाह ने कहा कि कबीर जी ढ़ाई दिन मे तेरह गाड़ी कागजों को लिखदे तो मै उनको परमात्मा मान जाऊंगा परमात्मा ने गाडियो मे रखे कागजों पर अपनी डण्डी घुमा दी।उसी समय सर्व कागजों मे अमृतवाणी सम्पूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान लिख दिया।राजा को विश्वास हुआ।